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Adefovir का उपयोग

Adefovir का इस्तेमाल एचआईवी संक्रमण और क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में किया जाता है

Adefovir कैसे काम करता है

यह विषाणुओं के गुणन को रोकते हुए संक्रमित रोगी के शरीर में उनके स्तर को घटाकर काम करता है।
एडेफोविर एक न्यूक्लियोटाइड एनालॉग है। यह हेपेटाइटिस बी वायरस के विकास को धीमी करने में मदद करता है।

Adefovir के सामान्य दुष्प्रभाव

थकान, दुर्बलता, चक्कर आना, सिर दर्द, उबकाई , खट्टी डकार, पेट फूलना, दस्त, असामान्य गुर्दा कार्य परीक्षण
Authenticity

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Adefovir के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • एडेफोविर हेपाटाइटिस बी के वायरस को अन्य लोगों में फैलने से रोकता नहीं है। संचरण को रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
  • डॉक्टरी सलाह के बिना एडेफोविर का सेवन बंद न करें क्योंकि इससे स्थिति बदतर हो सकती हैं।
  • एडेफोविर से गुर्दे को क्षति पहुंच सकती है। यदि आपको गुर्दे की बीमारी, उच्च रक्तचाप या मधुमेह हो तो अपने डॉक्टर को बताएं।
  • यदि आपने एचआइवी/एड्स का उपचार नहीं किया हो तो एडेफोविर से एचआइवी संक्रमण एचआइवी/एड्स की मानक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि एडेफोविर से आपका क्रॉनिक हेपाटाटिस बी संक्रमण नियंत्रित है, आपको हर तीन महीने में रक्त की जांच करवानी होगी।
  • एडेफोविर का सेवन बंद करने के बाद कई महीनों तक आपक लिवर के कार्य की जांच कराते रहना होगा।
  • एडेफोविर से लिवर को घातक क्षति पहुंच सकती है और साथ ही एक स्थिति लैक्टिक एसिडॉसिस (रक्त में अधिक मात्रा में लैक्टिक एसिड जमा होना जिससे मासंपेशियों में दर्द, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, पेत में दर्द, उल्टी के साथ मिचली, दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना, चक्कर आना या थकावट हो सकता है) का भी खतरा रहता है। यदि आपका ऐसे कोई भी प्रतिक्रिया का अनुभव हो तो इस दवा का सेवन बंद कर दें।
  • एडेफोविर उपचार लेने वाले महिलाओं को उपचार के दौरान गर्भवती होने से बचने के लिए गर्भनिरोधकों के प्रभावी तरीके अपनाने चाहिए।