Darunavir का उपयोग
Darunavir का इस्तेमाल एचआईवी संक्रमण में किया जाता है
Darunavir कैसे काम करता है
Darunavir रक्त में एचआइवी विषाणुओं की मात्रा को घटाने में मदद करता है।
डारुनाविर, प्रोटीज इन्हिबिटर नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह प्रोटीज एंजाइम से आबद्ध होता है और उसकी एचआईवी गतिविधि को रोकता है और इस तरह यह शरीर में एचआईवी वायरस की वंश वृद्धि और उसके संक्रमण के प्रसार में हस्तक्षेप करता है।
Darunavir के सामान्य दुष्प्रभाव
उबकाई , दस्त, रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि, रक्त में ट्राइग्लिसराइड के स्तर में वृद्धि
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Read Our Editorial PolicyDarunavir के लिए उपलब्ध दवा
Darunavir के लिए विशेषज्ञ की सलाह
- दारुनाविर एचआइवी संक्रमण का इलाज नहीं है और मरीज इस दवा को लेने के बाद भी मरीजों द्वारा एचआइवी फैल सकता है।
- दारुनाविर से त्वचा पर लाल चकत्ते हो सकते हैं, जब भी चकत्ते दिखें तो अपने डॉक्टर को संपर्क करें।
- दारुनाविर के साथ राल्टेग्राविर का सेवन करने वाले मरीजों को सावधानी बरतना आवश्यक है क्योंकि इससे त्वचा पर लाल चकत्ते बढ़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- यदि आप लगभग 65 वर्षीय बुजुर्ग हों, आपको हेपाटाइटिस बी या सी समेत लिवर की बीमारी हो, या हीमोफीलिया या आप सल्फा ड्रग के प्रति ऐलर्जिक हों तो इस दवा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर को सूचना दें।
- यदि आपको मधुमेह हो तो आप अपने डॉक्टर को बताएं क्योंकि दारुनाविर रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ा देता है।
- यदि किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण (उदाहरण के तौर पर लिम्फ नोड्स या बुखार), शरीर की चर्बी में बदलाव जैसे पुनर्वितरण, संचय या नुकसान दिखे तो अपने डॉक्टर को तुरंत संपर्क करें।



